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आले हसन और सपाइयों के खिलाफ दो और मुकदमे, 25 पुलिसकर्मी भी फंसे

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1रामपुर, ।  सपा सरकार में पुलिस लाइन के सामने डूंगरपुर बस्ती में तीन साल पहले मकानों को अवैध बताते हुए बुलडोजर चला दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने दो और पीडि़तों की शिकायत पर मुकदमे दर्ज किए हैं। वहीं डीजीपी ने इंस्पेक्टर को रिकार्ड समेत तलब किया है। 

 

एक मुकदमा मुहल्ला लाल कब्र के रहने वाले शकील अहमद एवं दूसरा दूसरा मुकदमा मुहल्ला घेर पीपल वाला की रजिया पत्नी नूर हसन ने गंज कोतवाली में दर्ज कराया है। आरोप है कि डूंगरपुर में तीन फरवरी 2016 को रात नौ बजे तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आमेंद्र चौहान, सांसद आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू, रानू खां, फिरोज खां, जिबरान खां और बरकत अली ठेकेदार और 20-25 पुलिस कर्मी आए। आरोपितों ने परिवार समेत घर से बाहर निकाल दिया। आजम विरोधी होने की बात कहते हुए सामान तोड़ दिया। इसके बाद मकान पर बुलडोजर चला दिया। शकील अहमद का आरोप है कि  आरोपित घर में रखे 17 हजार रुपये वहीं रजिया का घर में रखे 12 हजार रुपये भी लूट लिए। 

 

 अब तक पांच मुकदमे दर्ज

 

 आलियागंज के किसानों के बाद अब डूंगरपुर में गरीबों के मकान तोडऩे के मामले में पूर्व सीओ सिटी के खिलाफ मामले दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। इससे पहले तीन पीडि़तों के घर तोडऩे पर गंज कोतवाली पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे। अब तक पांच मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। 

 

 डीजीपी ने तलब किए मुकदमे के रिकार्ड

 

 आलियागंज के किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में सांसद आजम खां और पूर्व सीओ सिटी आले हसन खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों का रिकार्ड डीजीपी ने तलब कर लिया है। यह रिकार्ड लेकर अजीमनगर थाना प्रभारी राजीव चौधरी शनिवार को लखनऊ पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि डीजीपी ने इन मुकदमों की जानकारी मांगी थी। रिकार्ड लेकर एसओ अजीमनगर डीजीपी के पास पहुंचे। यहां बता दें कि सांसद आजम खां की यूनिवर्सिटी के पास आलियागंज गांव है।

 

 लालपुर पुल के मामले में राज्यपाल ने डिप्टी सीएम को लिखा

 

 राज्यपाल ने लालपुर का पुराना पुल तोडऩे के मामले में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद को पत्र लिखा है। कांग्रेस नेता फैसल खां लाला ने आठ जुलाई को राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर कहा कि तहसील टांडा के लाखों लोग पुराने पुल से होकर शहर आते थे। आजम खां ने मंत्री रहते अपने राजनीतिक फायदे के लिए बिना नया पुल बनवाए पुराने पुल को इसलिए तुड़वा दिया, क्योकि वह अपने बेटे अब्दुल्ला को पुल के उस पार स्वार-टांडा विधानसभा से चुनाव लड़ाना चाहते थे। विधानसभा चुनाव से ठीक छह महीने पहले आजम के इशारे पर पुल को गिरा दिया गया।  आरोप है कि जनसभाओं में आजम ने टांडा के लाखों वोटरों को ब्लैकमेल करते हुए कहा कि यदि अब्दुल्ला चुनाव नहीं जीता तो तुम्हारा पुल नही बन सकेगा। पुल का मलबा जौहर ट्रस्ट को मुफ्त में दे दिया। पुल टूटने के कारण तहसील टांडा के लगभग पांच लाख लोगों का संपर्क जिला मुख्यालय से आज तक कटा हुआ है। इसलिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राज्यपाल राम नाईक ने सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 

 सपा जिलाध्यक्ष पर बेनामी संपत्ति कब्जाने की डीएम से शिकायत

 

 सपा सांसद आजम खां के बाद अब पार्टी जिलाध्यक्ष पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति कब्जाने का आरोप लगा है। इस मामले में जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में बिलासपुर तहसील के पनवडिय़ा गांव निवासी सुरेंद्र कुमार पुत्र मोहन स्वरूप ने कहा है कि पनवडिय़ा में कुछ जमीन सरकारी अभिलेखों में ओमकार पुत्र विशम्भर के नाम से दर्ज है। हकीकत में इस नाम का कोई व्यक्ति गांव में नहीं है और न ही उसका कोई उत्तराधिकारी है। बेनामी संपत्ति को सपा जिलाध्यक्ष ने सरकारी अभिलेखों में ओमकार के नाम से दर्ज कराकर कब्जा कर रखा है। इस जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। हल्का लेखपाल भी राजनीतिक प्रभाव के चलते इसे नजर अंदाज किए हुए है। इसी तरह पनवडिय़ा गांव में सपा जिलाध्यक्ष ने एक और बेनामी संपत्ति को सरकारी अभिलेखों में अनिल कुमार पुत्र सुंदर लाल के नाम से दर्ज करा रखा है। इस पर भी उनका ही कब्जा है। इस नाम का भी कोई व्यक्ति गांव में नहीं है। इस संबंध में जिलाध्यक्ष से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि इसकी शिकायत प्राप्त हुई है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

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